यदि इंसान सिर्फ दौलत के बारे में ही सोचता रहे तो लोगों की सेवा कब करेगा. – दौलतअपार संपत्ति के स्वामी, सेठ हेल चंद ने अपनी सारी जायदाद गरीबों की सेवा हेतु दान कर दिया. – संपत्तिपगड़ी – पगिया, मुरैठा, साफा, प्रतिष्ठा, मान -मर्यादा, भेंट, उपहार।राम – रघुपति, राघव, रघुनंदन, रघुवर, सीतापति।आश्चर्य – अचर